– नाहिया सरकारी स्कूल में सरपंच पुत्र की दबंगाई, क्लास में घुसकर 9वीं के छात्र को पीटा, कान का परदा डेमेज
– स्कूल मैनेजमेंट ने नहीं कराई एफआईआर, छात्र-छात्राएं दहशत में पढऩे को मजबूर
मीडिया पाइंट एण्ड ग्राफिक्स, बैतूल
आमला विकासखंड की ग्राम पंचायत नाहिया के सरकारी स्कूल में इन दिनों सरपंच पुत्र की दबंगाई चल रही है। पिछली 6 दिसंबर को नाहिया के सरपंच खिलाड़ीलाल घिडोडे के पुत्र पवन घिडोडे ने स्कूल में घुसकर क्लास में कक्षा 9वीं के नाबालिग छात्र को इस कदर पीटा कि उसके कान का परदा ही डेमेज हो गया, हालांकि फिलहाल इलाज के बाद उसकी स्थिति ठीक बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाहिया में 6 दिसंबर को क्लास लगी हुई थी और प्रभारी प्रिंसिपल रश्मि मालवी क्लास में पढ़ा रही थी, इसी दौरान स्कूल के सामने एक ट्रैक्टर का टायर फट गया। अचानक हुए धमाके की आवाज से बच्चों का ध्यान उस ट्रैक्टर की ओर चला गया, तभी सरपंच का लडक़ा पवन घिडोडे उम्र 45 से 42 वर्ष ने क्लास के अंदर घुसकर 9वीं कक्षा के नाबालिग छात्र खुशांक कोसे की पिटाई कर दी। इससे स्कूल स्टॉफ और कक्षा में पढ़ रहे बच्चे दहशत में आ गए। पिटाई के बाद छात्र खुशांक कोसे के कान में अंदरूनी चोटें आई हैं, जिसका इलाज उसके पिता बुधराव कोसे ने करवाया, छात्र खुशांक अब भी बार-बार कान तडक़ने की बात पिता से कहता है, जिसके कारण उसके कृषक पिता बुधराव कोसे भी चिंतित हैं। जिस समय छात्र को पीटा गया उस समय छात्र हिमांशु धाकड़, शिवम अडक़ल, गौरव वराठे आदि क्लास में मौजूद थे। इन छात्रों का कहना है कि अचानक क्लास में आकर खुशांक को सरपंच के बेटे पवन घिडोडे ने पीटा है जिसके बाद खुशांक और उसके पिता ने उचित कार्रवाई के लिए स्कूल के प्रिंसिपल को एक आवेदन दिया है जिसके बाद भी 13 दिसंबर तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
– दहशत में स्कूल के विद्यार्थी
सरपंच पुत्र पवन घिडोड द्वारा सरकारी स्कूल की क्लास में घुसकर नाबालिग छात्र की पिटाई करने से स्कूल के छात्र-छात्राएं दहशत में हैं। वहीं खुशांक कोसे ने अपने आवेदन में भी लिखा है कि मुझे सरपंच के पुत्र से खतरा महसूस होता है उसने मुझे क्यों मारा यही समझ में नहीं आ रहा है जिसके कारण वह सरपंच पुत्र से डरा हुआ महसूस कर रहा है और ऐसे में उसकी पढ़ाई पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।
– मामला दबाने की कोशिश में लगा स्कूल स्टॉफ
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाहिया का स्कूल स्टॉफ सरपंच और सरपंच पुत्र के आगे नतमस्तक दिखाई दे रहे हैं। सरकारी कैंपस में घुसकर एक छात्र को पीटने के मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं छात्र के पिता बुधराव कोसे पर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बताया जाता है कि सरपंच और सरपंच पुत्र की नाहिया ग्राम पंचायत में इतनी दबंगाई चलती है कि ग्रामीण उनसे दहशत में रहते हैं। घटनाक्रम होने के 8 दिन बाद भी इस मामले की शिकायत नाहिया स्कूल मैनेजमेंट ने अब तक पुलिस से नहीं की है, जबकि सरकारी स्कूल में आकर किसी बच्चे को पीटना कानूनन जुर्म है चाहे फिर वह कोई नेता पुत्र हो या खुद नेता क्यों न हो।
– लाचार पिता शिकायत भी नहीं कर पा रहा…
छात्र खुशांक के पिता बुधराव कोसे ने बताया कि उनके एक पैर में खेत में काम करते समय चोट लगी है, जिसके कारण पैर में सूजन है और वे चल-फिर नहीं पा रहे हैं जिसके कारण वे मामले की शिकायत थाने तक जाकर नहीं कर पा रहे हैं, वहीं उन्होंने कहा कि मामला स्कूल के शिक्षकों को देखना चाहिए कि किसी बच्चे को जब हमने सुरक्षा के भाव से स्कूल भेजा है तो कोई यदि आकर स्कूल में बच्चों से मारपीट करता है तो इस मामले की एफआईआर उन्हें तुरंत करवानी चाहिए, लेकिन ये समझ नहीं आ रहा कि स्कूल का स्टॉफ आखिर सरपंच पुत्र से किस बात से डर रहा है जो मामले में अब तक पुलिस में शिकायत नहीं की गई है, मैं चल फिर सकता तो अब तक केस दर्ज हो जाता। इस संबंध में जब प्रभारी प्रिसिंपल रश्मि मालवी से उनके मोबाइल नंबर ९४०६५२४३३० पर फोन करके मीडिया पाइंट ने एफआईआर में देरी क्यों की गई पर उनका पक्ष जानना चाहा लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसवी नहीं किया।
– मैं जानकारी लेता हूं
मेरी जानकारी में मामला आया है, फिलहाल मैं अभी एसआईआर के काम में व्यस्त हूं। स्कूल से जानकारी लेता हूं कि अब तक पुलिस में एफआई क्यों नहीं की गई।
पुरुषोत्तम सोनकुसले, प्रिसिंपल नाहिया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
मामले को दिखवाता हूं
ये मामला मेरी जानकारी में आया है, प्रिसिंपल ने इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की है इसकी जानकारी लेता हूं, यदि सरपंच के बेटे ने स्कूल में घुसकर छात्र को पीटा है तो एफआईआर करवाई जाएगी।
नवीन आशीष प्रहलादी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी आमला

